Hariyali Teej 2016 Puja Vidhi in Hindi Aarti Mantra Muhurat Timing

माता-पिता शिव-पार्वती इनकी महिमा अपरंपार।
लाखों खुशियां आये घर आपके इस तीज के त्यौहार।।

महिलाओं के मुख्य त्यौहारों में एक हरियाली तीज का त्यौहार भी है जो श्रावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। यह त्यौहार श्रावन मास में आता है इसलिए इसे श्रावनी तीज भी कहा जाता है। बहुत से लोग हरतालिका तीज और श्रावनी तीज को एक ही समझते है जबकि दोनों त्यौहार अलग-अलग है और दोनों मनाये भी अलग अलग मास में जाते है। महिलाओं के मुख्य त्यौहारों में से एक इस तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा एवं व्रत का विधान है। शिव पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। इसे छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है।

Haryali Teej 2016 Puja Vidhi in Hindi Aarti Mantra Muhurat Timing

283695

हैप्पी हरियाली तीज 2016 (Happy Haryali Teej 2016) 

हरयाली तीज का त्यौहार भारत के कई राज्यों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। खासतौर पर उत्तर भारत के राज्यों में इस त्यौहार की रौनक देखने लायक होती है। यहां ये बड़े ही धूमधड़ाके के साथ मनाया जाता है। साथ ही साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार की महिलाओं में इस त्यौहार के दिन विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इस वर्ष हरियाली तीज 5 अगस्त को मनाई जाएगी।

Green peace festival of Teej is celebrated grandly in many states of India . Especially in north Indian states charm of this festival is worth seeing. It is celebrated with great fanfare the same. As well as Rajasthan, Uttar Pradesh , Madhya Pradesh and Bihar women get to see the enthusiasm of the festival day special. Teej greenery will be celebrated this year on August 5.

Haryali Teej 2016 Puja Vidhi in Hindi Aarti Mantra Muhurat Timing

हरियाली तीज 2016 मुहुर्त समय (Hariyali Teej 2016 Muhurat Timings)

इस त्योहार के बारे में मान्यता है कि भगवान शिव और पार्वती के पुर्नमिलाप के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस त्योहार के बारे में मान्यता है कि मां पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए 107 जन्म लिए थे। अंततः मां पार्वती के कठोर तप और उनके 108वें जन्म में भगवान ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से मां पार्वती प्रसन्न होकर पतियों को दीर्घायु होने का आशीर्वाद देती हैं।

Haryali Teej 2016 Puja Vidhi in Hindi Aarti Mantra Muhurat Timing

picccccccccccccccccccccccccccccc

हरियाली तीज के दिन महिलाऐं मां पार्वती की पूजा अर्चना करती है। वे अपने पति की दीर्घायु एवं अपने विवाहित जीवन के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखती है और श्रद्धा-प्रेम से मां पार्वती की पूजा की जाती है।

All Teej 2016 Dates

Event Day Date Tithi
Hariyali Teej 2016/Singhara Teej 2016 Friday August 05 Tritiya
Kajari Teej Sunday August 21 Tritiya
Hartalika Teej Sunday September 04 Tritiya

हरियाली तीज 2016 पूजा विधि आरती, मंत्र (Hariyali Teej 2016 Puja vidhi Aarti Mantra)

विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन स्त्रियों के मायके से श्रृंगार का सामान तथा मिठाइयां ससुराल में भेजी जाती है। हरियाली तीज के दिन महिलाएं प्रातः गृह कार्य व स्नान आदि के बाद सोलह श्रृंगार कर निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद विभिन्न प्रकार की सामग्रियों द्वारा देवी पार्वती तथा भगवान शिव की पूजा होती है।

  • सर्वप्रथम ‘उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरियालिका व्रतमहं करिष्ये’ मंत्र का संकल्प करके मकान को मंडल आदि से सुशोभित कर पूजा सामग्री एकत्र करें।
  • हरियाली तीज पूजन प्रदोष काल में किया जाता हैं। प्रदोष काल अर्थात् दिन-रात के मिलने का समय। संध्या के समय स्नान करके शुद्ध व उज्ज्वल वस्त्र धारण करें। तत्पश्चात पार्वती तथा शिव की सुवर्णयुक्त (यदि यह संभव न हो तो मिट्टी की) प्रतिमा बनाकर विधि-विधान से पूजा करें। बालू रेत अथवा काली मिट्टी से शिव-पार्वती एवं गणेशजी की प्रतिमा अपने हाथों से बनाएं।
  • इसके बाद सुहाग की पिटारी में सुहाग की सारी सामग्री सजा कर रखें, फिर इन वस्तुओं को पार्वतीजी को अर्पित करें।
  • फिर निम्नलिखित मंत्रों से शिव पार्वती जी की पूजा करें।

ऊँ साम्ब शिवाय नमः

ऊँ पार्वत्यै नमः

ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः

ऊँ गौरये नमः

हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।

ऊँ ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा।

अस्य स्वयंवरकलामंत्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, अतिजगति छन्दः, देवीगिरिपुत्रीस्वयंवरादेवतात्मनोऽभीष्ट सिद्धये मंत्र जपे विनियोगः।

Karpoor Gauram Karunnaavataram,
Sansaar Saaram Bhujgendra Haaram
Sadaa Vasantam Hridyaarvrinde,
Bhavam Bhavaani Sahitam Namaami

  • शिवजी को धोती तथा अंगोछा अर्पित करें और तपश्चात सुहाग सामग्री किसी ब्राह्मणी को तथा धोती-अंगोछा ब्राह्मण को दे दें। इस प्रकार पार्वती तथा शिव का पूजन.आराधना कर हरतालिका व्रत कथा सुनें। फिर सर्वप्रथम गणेशजी की आरती, फिर शिवजी और फिर माता पार्वती की आरती करें। तत्पश्चात भगवान की परिक्रमा करें। रात्रि जागरण करके सुबह पूजा के बाद माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं। ककड़ी-हलवे का भोग लगाएं और फिर ककड़ी खाकर उपवास तोड़ें। अंत में समस्त सामग्री को एकत्र कर पवित्र नदी या किसी कुंड में विसर्जित करें।
  • तत्पश्चात शिव पार्वती जी की आरती करें।

images

हरयाली तीज के रीति-रिवाज

  • तीज का व्रत केवल महिलाओं तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि कई जगहों पर पुरुष मां की प्रतिमा को पालकी पर बैठाकर झांकी भी निकालते हैं।
  • सबसे पहले महिलाएं किसी बगीचे या मंदिर में एकत्रित होकर मां की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहने से सजाएं।
  • अर्धगोले का आकार बनाकर माता की मूर्ति बीच में रखें और माता की पूजा करें। सभी महिलाओं में से एक महिला कथा सुनाएए बाकी सभी कथा को ध्यान से सुनें व मन में पति का ध्यान करें और पति की लंबी उम्र की कामना करें।
  • कुछ जगहों पर महिलाएं माता पार्वती की पूजा करने के पश्चात लाल मिट्टी से नहाती हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से महिलाएं पूरी तरह से शुद्ध हो जाती हैं।
  • दिन के अंत में वह खुशी से नाचती-गाती और झूला झूलती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Festival Info © 2016 Frontier Theme
%d bloggers like this: